3. माँ (गुजराती)
महत्वपूर्ण बिंदु।
- इस कहानी के लेखक और कथाकार “ईश्वर पेटलीकर" है ।
- इस कहानी के अनुवादक- गोपालदास नागर हैं |
- मंगू के माँ को चार संतान थी
- मंगू के गांव की दूसरी पागल लड़की का नाम - कुसुम था |
- मंगू के बड़ी बहन का नाम -कमो था |
- मंगू की मां के लिए अस्पताल एक गौशाला है |
- मां मंगू को अस्पताल नहीं भेजना चाहती थी
- मंगू की मां ने पहली बार अस्पताल का विरोध नहीं किया था |
- मंगू के अलावा उसके तीन भाई बहन हैं
- गांव वाले मंगू को अस्पताल भेजना चाहते थे |
- मंगू को घर से बैलगाड़ी से ले जाया गया था |
- मंगू को अस्पताल छोड़ने मां और बड़े भाई गए थे।
- मंगू की याद में मां भी पागल हो गई थी।
- मां अस्पताल से घर वापस घोड़ा गाड़ी में आई थी।
- मां अस्पताल से घर 10:45PM (पौने ग्यारह ) में आई थी।
- मंगू की मां ने अपने बड़े बेटे को पत्र लिखा था |
लघु उत्तरीय प्रश्न
Q-मंगू के प्रति माँ और परिवार के अन्य सदस्यों के व्यवहार में जो फर्क है उसे अपने शब्दों में लिखें |
उत्तर - मंगू के प्रति मां और परिवार के अन्य सदस्य में व्यवहार में जमीन आसमान का फर्क था | मां जहाँ अपने पागल और गूंगी बेटी से बहुत ज्यादा प्यार करती थी वही परिवार के अन्य सदस्य मंगू को घर का बोझ समझते थे | वे चाहते थे कि मंगू को अस्पताल छोड़ दिया जाए या मंगू घर पर ही मर जाए तो कोई दिक्कत नहीं है |
Q- मां मंगू को अस्पताल में क्यों भर्ती नहीं कराना चाहती है ? विचार करें |
उत्तर- मां मंगू को अस्पताल में भर्ती कराना नहीं चाहती थी | क्योंकि मां को ऐसा लगता था कि उसकी पागल और गूंगी बेटी मंगू का अस्पताल में ठीक से ख्याल नहीं रखा जाएगा | उसे लगता था की मंगू की सेवा अस्पताल में कौन करेगा ? | इन्हीं बातों को सोच कर माँ मंगू को अस्पताल में भर्ती नहीं करना चाहती थी |
Q-कुसुम के पागलपन में सुधार देखकर मंगू के प्रति माँ, परिवार और समाज की प्रतिक्रिया को अपने शब्दों में लिखें ।
उत्तर - जब कुसुम के पागलपन में सुधार देखा गया तो समाज वाले और मंगू के परिवार के लोग भी मंगू की मां को मंगू को अस्पताल में भर्ती करने की सलाह देने लगे थे | लोग कह रहे थे की "यदि कुसुम अस्पताल में ठीक हो सकती है, तो मंगू क्यों नहीं?" सभी की बात सुनकर मां ने पहली बार अस्पताल का विरोध नहीं किया और मंगू को अस्पताल भेजने के लिए 'हाँ' कह दिया
Q- 'माँ' कहानी के शीर्षक की सार्थकता पर विचार करें |
उत्तर- 'मां' कहानी में एक मां का अपनी पागल और गूंगी बेटी मंगू के प्रति अथाह प्रेम को दर्शाया गया है। मां अपनी बेटी से इतना प्रेम करती है कि जब वह अपनी बेटी को अस्पताल छोड़ कर आती है तो वह उसकी याद में स्वयं भी पागल हो जाती है| मेरे अनुसार इस कहानी का शीर्षक 'मां' बिल्कुल उचित है ।
Q-मंगू जिस अस्पताल में भर्ती की जाती है, उस अस्पताल के कर्मचारी व्यवहार कुशल हैं या संवेदनशील विचार करें|
उत्तर - मंगू को जिस अस्पताल में भर्ती कराया जाता है वहां के कर्मचारी व्यवहार कुशल और संवेदनशील दोनों थे | क्योंकि वहां मरीजों का ख्याल अच्छे से रखा जाता था | वहां एक दूसरे के दुख को भी समझा जाता था। नर्स लोग भी रोगियों के साथ बहुत अच्छा व्यवहार करती थी।

