1. दही वाली मंगम्मा
- इस कहानी का लेखक श्री निवास जी हैं
- श्रीनिवास का जन्म कर्नाटक के कोलार जिला में हुआ था।
- इस कहानी के अनुवादक -बी० आर० नारायण हैं | श्रीनिवास का पूरा नाम मास्ति वेंकटेश अयंगार है |
- मंगम्मा दही बेचने बेंगलुरु जाती थी | मंगम्मा का गाँव अवलुर के पास था |
- मंगम्मा की बहू का नाम नजम्मा था |
- मंगम्मा के गांव के जुआरी का नाम रंगम्प्या था |
- मंगम्मा के गांव के रास्ते के कुँए का नाम अमराई का कुआँ था
- मंगम्मा के मखमल के ब्लाउज की कीमत 8रु थी |
- मंगम्मा ने अपनी बहू नजम्मा से कहा- क्यों री राक्षसी बच्चे को मार डालेगी
- दही वाली मंगम्मा पाठ के लेखक कौन हैं ?-उत्तर- श्रीनिवास
- श्रीनिवास का पूरा नाम क्या है ? उत्तर -मास्ति वेंकटेश अय्यंगार
- श्रीनिवास का जन्म कब हुआ था? उत्तर- 6 जून 1891 ई0 में
- श्रीनिवास का जन्म कहां हुआ था? उत्तर - कोलार, कर्नाटक में
- दही वाली मंगम्मा पाठ के अनुवादक कौन हैं ? उत्तर-बी० आर० नारायण
- मंगम्मा क्या बेचती थी ? उत्तर- दही
- मंगम्मा का विवाद किससे था? उत्तर- बहू से
- मंगम्मा की बहू का नाम क्या था? उत्तर- नंजम्मा
- दही वाली मंगम्मा किस भाषा की कहानी है ? उत्तर - कन्नड़
- मंगम्मा मिठाई किसके लिए ले जाती थी ? उत्तर- पोते के लिए
- मंगम्मा कहां की रहने वाली थी ? उत्तर- अवलुरु के पास के गांव की
- दही वाली मंगम्मा शीर्षक पाठ में बहू ने सास से समझौता क्यों कर लिया ? उत्तर- मजबूरी से
- अमराई का कुआं कहां था ? उत्तर- रास्ते में
- मंगम्मा दही बेचने कहाँ जाती थी ? उत्तर - बेंगलोर
- "क्यों री राक्षसी इस बच्चे से को क्यों पीट रही है"? ऐसा किसने कहा ? उत्तर- मंगम्मा ने
- नजम्मा मंगम्मा की कौन थी ? उत्तर- बहू
- रंगम्मपा कौन था ? उत्तर- जुआरी
- मंगम्मा अपना पैसा किसके पास जमा करती थी ? उत्तर- मां जी के पास
- मंगम्मा का हाथ किसने पकड़ा था ? उत्तर- रंगम्पा
- मंगम्मा से कर्ज कौन माँग रहा था ? उत्तर -रंगम्पा
- “घरवालों के रहते एक अच्छी साड़ी नसीब नहीं हुई" ऐसा किसने कहा ? उत्तर -मंगम्मा
- मंगम्मा ने किस कपड़े के ब्लाउज बनाए थे ? उत्तर मखमल के
- मंगम्मा के मखमल के ब्लाउज की कीमत कितनी थी? उत्तर-8रु
- मंगम्मा क्या खाती थी :- उत्तर पान सुपारी
- बी. आर. नारायण ने किस कहानी का अनुवाद किया है ? उत्तर- दही वाली मंगम्मा का
- दही वाली मंगम्मा पाठ के केंद्र में कौन है ? उत्तर- मंगम्मा
♥️लघु उत्तरीय प्रश्न
Q-मंगम्मा का अपनी बहू के साथ किस बात को लेकर विवाद था ?
उत्तर- मंगम्मा का अपनी बहू नजम्मा के साथ पोते को लेकर विवाद था। मंगम्मा के बेटे को भी उसकी बहु अपने बस में रखना चाहती थी इसलिए दोनों में हमेशा विवाद होता रहता था |
Q रंगम्प्पा कौन था ? और वह मंगम्मा से क्या चाहता था ?
उत्तर- रंगम्मा मंगम्मा के गांव का एक जुआरी व्यक्ति था जो कुछ पैसे कर्ज मांगने के लिए मंगम्मा के पीछे पड़ गया था ।
Q - बहु ने सास को मनाने के लिए कौन-सा तरीका अपनाया ?
उत्तर - नजम्मा अपनी सास मंगम्मा को मनाने के लिए अपने बेटे को अपने सास के पास भेज दिया था जिसके बाद सास मान भी गई थी ।
Q-इस कहानी का कथावाचक कौन है ?उसका परिचय दीजिए।
उत्तर- इस कहानी का कथावाचक मास्ति वेंकटेश अयंगार हैं। जिनका जन्म 6 जून 1891 ई० को कर्नाटक के कोलोर में हुआ था | वह कन्नड़ साहित्य की एक सर्वाधिक प्रतिष्ठित रचनाकारों में से एक हैं। उनका कविता, नाटक, आलोचना, जीवन चरित्र आदि सभी में महत्वपूर्ण योगदान है ।
Q-मंगम्मा का चरित्र चित्रण कीजिए ?
उत्तर- मंगम्मा एक विधवा औरत थी जो अपना पेट पालने के लिए बेंगलुरु शहर में दही बेचती थी। मंगम्मा के साथ एक बेटा एक बहू और एक पोता भी था | मंगम्माकी अपनी बहू जम्मा के साथ अच्छे संबंध नहीं थे। वे दोनों मंगम्मा के बेटे पर अपने अधिकार को लेकर लड़ते झगड़ते रहते थे।
Q-'दही वाली मंगम्मा 'कहानी का सारांश प्रस्तुत कीजिए
उत्तर - यह कहानी एक विधवा औरत मंगम्मा की है जो अपना जीवन यापन करने के लिए अपने गांव से 3 मील दूर दही बेचने जाती है। इस कहानी की मुख्य पात्रा मंगम्मा का एक बेटा, एक बहू और एक पोता है। मंगम्मा दही बेचकर जो भी पैसा कमाती है उसका उपयोग घर के कार्यों में खर्च करती है। परंतु एक दिन उसकी बहू जम्मा के साथ उसका विवाद हो जाता है। जिसके कारण मंगम्मा अलग खाना बनाकर खाती है | इस कहानी में अकसर घरों में होने वाले घटने को दर्शाया गया है कि जब तक बेटे की शादी नहीं होती है तब तक वह मां की बात मानता है लेकिन शादी हो जाने के बाद बेटे पर वह का कब्जा हो जाता है।

